Best Short & Long Merry Christmas Day Speech 2020 In Hindi

भाषण बोलना या समूह में चर्चा करना, किसी भी विद्यार्थी के स्कूली जीवन की बहुत महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं, जो छात्रों के बीच में नेतृत्व के गुणों को विकसित करती है।

कार्यक्रमों में भाग लेने से उनके अंदर दूसरों के सामने, मंच पर अपनी बात रखने की झिझक खत्म होगी साथ ही उनमें नेतृत्व के गुण का निर्माण होगा। हम यहाँ विद्यार्थियों की, स्कूल में भाषण लेने की प्रतियोगिता में भाग लेने में मदद करने के उद्देश्य से Christmas Day Speech क्रिसमस पर भाषणों की एक श्रृंखला उपलब्ध करा रहे हैं।

क्रिसमस डे ईसाई धर्म के लोगों का सबसे बड़ा त्योहार है जो हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। 25 दिसंबर को बड़े दिन के नाम से भी जाना जाता। आज हम आपके लिए बहुत ही सुन्दर Merry Christmas Day Speech लेकर आये हैं। इन्हे आप Whatsapp, Twitter या फिर Facebook  पर Share कर सकते हैं।

Best Merry Christmas Day Speech 2020 In Hindi Christmas Day Speech

 

1. Merry Christmas Speech ( 200 Words )

आदरणीय प्राचार्य महोदय, सर, मैडम, मेरे वरिष्ठ और प्यारे सहपाठियों, आप सभी को सुप्रभात। आज क्रिसमस है, जिसे हम हर साल एक सांस्कृतिक समारोह का आयोजन करके खुशी से मनाते हैं।

यह दिन पूरे संसार में, विशेषरुप से ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा वार्षिक क्रिसमस डे के रुप में मनाया जाता है। यह दिन ईसाईयों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे इसे भगवान जीज़स क्राईस्ट (ईसा मसीह) के जन्मदिवस के रुप में मनाते हैं।

25 दिसम्बर ईसाईयों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। वे ईसा मसीह की मृत्यु और पुनर्जीवन को याद रखने के लिए ईस्टर भी मनाते हैं। लोग क्रिसमस के लिए तैयारियाँ, क्रिसमस आने के 4 सप्ताह पहले से शुरु कर देते हैं, जिसे महान व्यक्ति का आगमन (अवतार) भी कहा जाता है।

क्रिसमस का पूरा सीजन क्रिसमसटाइड के रुप में जाना जाता है, जो 6 जनवरी को खत्म होता है।

हमें उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। हमें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। हमें इस संतुलन को बनाए रखना है। हमें जाति, धर्म, रंग आदि के भेदभाव से ऊपर उठना होगा।

आपको क्रिसमस डे जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर, मेरा भाषण पसंद आया होगा। आप सभी को मेरी तरफ से, क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं।

धन्यवाद।

2. Merry Christmas Speech ( 400 Words )

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, शिक्षकों और मेरे प्यारे मित्रों मैं आप सभी का काफी शुक्रगुजार हूँ कि आपने मुझे क्रिसमस पर अपनी बात कहने का यह विशेष अवसर प्रदान किया। इस त्योहार को लेकर हमारे दिलों में जोश और उत्साह भरा हुआ है और इन्हीं खुशियों को मनाने के लिए हम यहां इकठ्ठा हुए है।

जी हाँ यह वह महीना है जब लोग सामान्य शिष्टाचार में हाय, हैलो के जगह मुस्कुराते हुए हैप्पी क्रिसमस कहकर इस विशेष पर्व की शुभकामनाए देते है और इसीलिए मैं भी एक बार फिर से क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इस भाषण सभा में आप सबका स्वागत करती हूँ।

इस दिन बच्चे बहुत खुश होते हैं क्योंकि उन्हें रात के 12 बजे, अपने माता-पिता और सेंटा क्लाज़ के द्वारा उपहार मिलते हैं। वे इस दिन के उत्सव को स्कूल में मनाने के लिए सेंटा की टोपी और सेंटा के कपड़े भी पहनते हैं। बच्चे अपने माता-पिता के साथ जाते हैं और बहुत सारी खरीददारी करते हैं।

क्रिसमस के त्योहार को अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। जैसे फिलीपींस में क्रिसमस ईव से पहले जायंट जायंट लैंटर्न फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। जर्मनी में कोई व्यक्ति निकोलस बनता है।

अगर हम अपने भारत की बात करें तो यहाँ पर क्रिसमस डे के दिन लोग चर्च जाते हैं, कैंडल जलाकर प्रेयर करते हैं और भगवान यीशु को याद करते हैं। इसके बाद क्रिसमस ट्री को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। क्रिसमस डे दिन बाजार दुल्हन की तरह सज जाते हैं।

इस दिन लोग एक-दूसरे को केक खिलाकर आपस में खुशियाँ बाँटते हैं और क्रिसमस डे सेलिब्रेट करते हैं। सेंटा क्ल़ॉज लोगों को गिफ्ट, चॉकलेट आदि चीजें बांटकर जाता है। क्रिसमेस डे के दिन लोग अपने परिवार के साथ या दोस्तों के साथ घूमने भी जाते हैं। इस तरह इसे मनाने का हर देश में अलग कल्चर है।

Jesus christ ने अपने जीवनकाल में कई अद्भुत काम किए। जो अन्य लोगों के लिए असंभव था। वे केवल छूकर लोगों की समस्याओं को दूर करने में सक्षम थे। वे वास्तव में भगवान द्वारा भेजे गए संदेशवाहक थे।
आप सभी को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं।
धन्यवाद।

3.Merry Christmas Speech ( 600 Words )

आदरणीय प्रधानाचार्य, अध्यापक एवं अध्यापिकाएं, मेरे सीनियर और साथियों, सभी को मेरा सुप्रभात। हम सभी यहाँ क्रिसमस डे को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, मैं इस अवसर पर आप सभी के सामने कुछ शब्द कहना चाहूँगा/ चाहूँगी। मैं अपने कक्षा अध्यापक/अध्यापिका का/की बहुत आभारी हूँ कि, उन्होंने इस अवसर पर मुझे अपने विचारों की अभिव्यक्ति का मौका दिया।

मुम्बई में सबसे बड़ा ईसाई सम्प्रदाय है, जिनमें मुख्यतः रोमन कैथोलिक ईसाई पाए जाते हैं। देश के अन्य राज्यों में, ईसाईयों की उच्च जनसंख्या पायी जाती है, जो सर्दी के मौसम में इस त्योहार को भारत का गौरव बनाते हैं।

इस त्योहार पर, आधी रात को भीड़ रुप में इकट्ठा होते हैं, विशेषतः कैथोलिक ईसाईयों में, वे पूरे परिवार के लोगों के साथ जाकर भीड़ का हिस्सा बनते हैं और सामूहिक दावत का आनंद लेते हैं, जिसमें विभिन्न स्वादिष्ट पकवान शामिल होते हैं। वे इस दिन एक-दूसरे को उपहार देते हैं।

इस दिन से कुछ समय पहले से ही, वे चर्चों को छोटे-छोटे पीले फूलों (पोनेस्थियॉ) और मोमबत्तियों से सजाना शुरु कर देते हैं।

दक्षिण भारत के ईसाई लोग कुछ मिट्टी के दीयों में तेल डालकर छतों पर रखकर जलाते हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि, ईसा मसीह पूरे विश्व को प्रकाशित कर देंगे। वे एक विशेष गीत गाते हैं, जिसे सामूहिक गीत के रुप में भी जाना जाता है और चर्च में अन्य प्रथाओं को पूरा करते हैं।

कुछ स्थानों पर, वास्तव में, ईसा मसीह का जन्मदिन का उत्सव मनाने के लिए, फलों वाले क्रिसमस केक को काटने की प्रथा है।

सेंटा मध्यरात्री को बहुत से आकर्षक उपहारों को लेकर आता है और बच्चों में बाँटता है। इस दिन बच्चे बहुत खुश होते हैं क्योंकि उन्हें रात के 12 बजे, अपने माता-पिता और सेंटा क्लाज़ के द्वारा उपहार मिलते हैं।

वे इस दिन के उत्सव को स्कूल में मनाने के लिए सेंटा की टोपी और सेंटा के कपड़े भी पहनते हैं। बच्चे अपने माता-पिता के साथ जाते हैं और बहुत सारी खरीददारी करते हैं।

क्रिसमस के 15 दिन पहले से ही मसीह समाज के लोग इसकी तैयारियों में जुट जाते हैं। घरों की सफाई की जाती है, नए कपड़े खरीदे जाते हैं, विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं। इस दिन के लिए विशेष रूप से चर्चों को सजाया जाता है।

क्रिसमस के कुछ दिन पहले से ही चर्च में विभिन्न कार्यक्रम शुरु हो जाते हैं जो न्यू ईयर तक चलते रहते हैं।

इन कार्यक्रमों में प्रभु यीशु मसीह की जन्म गाथा को नाटक के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। मसीह गीतों की अंताक्षरी खेली जाती है, विभिन्न प्रकार के गेम्स खेले जाते है, प्राथनाएं की जाती हैं आदि।

कई जगह क्रिसमस के दिन मसीह समाज द्वारा जुलूस निकाला जाता हैं। जिसमें प्रभु यीशु मसीह की झांकियां प्रस्तुत की जाती हैं। कई जगह क्रिसमस की पूर्व रात्रि, गि‍‍‍‍रिजाघरों में रात्रिकालीन प्रार्थना सभा की जाती है जो रात के 12 बजे तक चलती है। ठीक 12 बजे लोग अपने प्रियजनों को क्रिसमस की बधाइयां देते हैं और खुशियां मनाते हैं।

क्रिसमस की सुबह गि‍‍‍‍रिजाघरों में‍ विशेष प्रार्थना सभा होती है। क्रिसमस का विशेष व्यंजन केक है, केक बिना क्रिसमस अधूरा होता है। इस दिन लोग चर्च और अपने घरों में क्रिसमस ट्री सजाते हैं।

अब इसी के साथ मैं अपने इस भाषण को समाप्त करने की अनुमति चाहूँगा और मुझे अपनी बात रखने के लिए यह विशेष अवसर देने के लिए आप सबका धन्यवाद। मेरे तरफ से आप सभी को क्रिसमस के इस विशेष पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

धन्यवाद

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