Best 2 Engineers Day Essay 2021 In Hindi

इंजीनियर दिवस हमारे देश के प्रसिद्ध इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के याद में मनाया जाता है और ये दिन मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के बर्थड़े के दिन आता है। इन दिन को मनाने का लक्ष्य हमारे देश के युवाओं  को इंजीनियरिंग के करियर के प्रति प्रेरित करना है और जिन इंजीनियरों ने हमारे देश के उत्थान में अपना योगदान दिया गया है उनकी सराहना करना।आज हम आपके लिये Engineers Day Essay ले कर आये हैं जो आपको बहुत पसंद आयेंगे|

अगर आपको भी अपने विद्यालय की ओर से Engineers Day Essay लिखने को कहा गया हैं तो आप निचे दिए गए Best 2 Engineers Day Essay 2021 In Hindi में से इसका चुनाव कर सकते हैं|

Best 2 Engineers Day Essay 2021 In Hindi

Engineers Day Essay
Engineers Day Essay

Best Short Engineers Day Essay In Hindi

Engineers Day Essay 1 (निबंध  300 शब्द )
इंजीनियर्स डे पर देशभर में लोग एम विश्वेश्वरैया जी को याद कर रहे है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे है। एम विश्वेश्वरैया जी का पूरा नाम मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया है। एम विश्वेश्वरैया जी को उनके अच्छे काम की वजह से भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।

विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को मैसूर के कोलार जिले स्थित चिक्काबल्लापुर तालुक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था उनके पिता का नाम श्रीनिवास शास्त्री था जो संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेद चिकित्सक थे। विश्वेश्वरैया की मां का नाम वेंकाचम्मा था। 14 अप्रैल 1962 को विश्वेश्वरैया जी की मृत्यु हो गई।

इंजीनियरिंग पास करने के बाद विश्वेश्वरैया को बॉम्बे सरकार की तरफ से जॉब का ऑफर आया, और उन्हें नासिक में असिस्टेंट इंजिनियर के तौर पर काम मिला। एक इंजीनियर के रूप में उन्होंने बहुत से अद्भुत काम किये। उन्होंने सिन्धु नदी से पानी की सप्लाई सुक्कुर गाँव तक करवाई, साथ ही एक नई सिंचाई प्रणाली ‘ब्लाक सिस्टम’ को शुरू किया।

इन्होने बाँध में इस्पात के दरवाजे लगवाए, ताकि बाँध के पानी के प्रवाह को आसानी से रोका जा सके। उन्होंने मैसूर में कृष्णराज सागर बांध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे बहुत से और कार्य विश्वेश्वरैया ने किये, जिसकी लिस्ट अंतहीन है।

1903 में पुणे के खड़कवासला जलाशय में बाँध बनवाया। इसके दरवाजे ऐसे थे जो बाढ़ के दबाब को भी झेल सकते थे, और इससे बाँध को भी कोई नुकसान नहीं पहुँचता था। इस बांध की सफलता के बाद ग्वालियर में तिगरा बांध एवं कर्नाटक के मैसूर में कृष्णा राजा सागरा (KRS) का निर्माण किया गया।

कावेरी नदी पर बना कृष्णा राजा सागरा को विश्वेश्वरैया ने अपनी देख रेख में बनवाया था, इसके बाद इस बांध का उद्घाटन हुआ। जब ये बांध का निर्माण हो रहा था, तब एशिया में यह सबसे बड़ा जलाशय था।

Best Engineers Day Speech 2021 In Hindi

Best  Long Engineers Day Essay In Hindi

Engineers Day Essay 2 (निबंध –  700 शब्द )

प्रस्तावना
अभियन्ता दिवस (इंजीनियर्स डे) 15 सितम्बर को मनाया जाता हैं। यह दिन मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म दिवस हैं, जो कि एक महान इंजिनियर थे, इसलिए उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए इस दिन को इंजीनियर्स डे के नाम पर समर्पित किया गया। इन्हें एक अच्छे इंजिनियर के तौर पर सफलतम कार्य करने हेतु 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। इंजिनियर डे के द्वारा दुनिया के समस्त इंजिनियरों को सम्मान दिया जाता है।

इंजिनियर डे सेलिब्रेशन
इंजिनियर डे के दिन सभी इंजिनियर को बधाई दी जाती है। इंजीनियरिंग कॉलेज, ऑफिस में कार्यक्रम होते है अधिकतर स्कूल और कॉलेज में Engineers Day Essay लिखने को भी दिया जाता हैं । आजकल बढाई देने के लिए सोशल मीडिया, फ़ोन का उपयोग सबसे ज्यादा होता है। लोग एक दुसरे को मेसेज भेजते है, कविता शायरी शेयर की जाती है। विश्वेश्वरैया जी को याद करके, कार्यक्रम आयोजन किया जाता है।

मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया जीवन परिचय
भारत देश में इंजिनियर डे महान इंजिनियर और राजनेता मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया की याद में मनाया जाता है, तो चलिए इनके जीवन को करीब से जानते है। एम् विश्वेश्वरैया भारत के महान इंजिनियरों में से एक थे, इन्होंने ही आधुनिक भारत की रचना की और भारत को नया रूप दिया। उनकी दृष्टि और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में समर्पण भारत के लिए कुछ असाधारण योगदान दिया।

इनका   पूरा नाममोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया था इनका    जन्म15 सितम्बर, 1860 मुद्देनाहल्ली गाँव, कोलर जिला, कर्नाटका में हुआ था इनके पिता श्रीनिवास शास्त्री संस्कृत विद्वान और आयुर्वेदिक चिकित्सक थे। इनकी माता वेंकचाम्मा एक धार्मिक महिला थी। जब विश्वेश्वरैया 15 साल के थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया था। चिकबल्लापुर से इन्होंने प्रायमरी स्कूल की पढाई पूरी की, और आगे की पढाई के लिए वे बैंग्लोर चले गए|

1881 में विश्वेश्वरैया ने मद्रास यूनिवर्सिटी के सेंट्रल कॉलेज, बैंग्लोर से बीए की परीक्षा पास की। इसके बाद मैसूर सरकार से उन्हें सहायता मिली और उन्होंने पूना के साइंस कॉलेज में इंजीनियरिंग के लिए दाखिला लिया। 1883 में LCE और FCE एग्जाम में उनका पहला स्थान आया। (ये परीक्षा आज के समय BE की तरह है)

मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया करियर
1906 – 07 में भारत सरकार ने उन्हें जल आपूर्ति और जल निकासी व्यवस्था की पढाई के लिए ‘अदेन’ भेजा. उनके द्वारा बनाये गए प्रोजेक्ट को अदेन में सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया गया। हैदराबाद सिटी को बनाने का पूरा श्रेय विश्वेश्वरैया जी को ही जाता है। उन्होंने वहां एक बाढ़ सुरक्षा प्रणाली तैयार की, जिसके बाद समस्त भारत में उनका नाम हो गया।

उन्होंने समुद्र कटाव से विशाखापत्तनम बंदरगाह की रक्षा के लिए एक प्रणाली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।विश्वेश्वरैया को मॉडर्न मैसूर स्टेट का पिता कहा जाता था। इन्होने जब मैसूर सरकार के साथ काम किया, तब उन्होंने वहां मैसूर साबुन फैक्ट्री, परजीवी प्रयोगशाला, मैसूर आयरन एंड स्टील फैक्ट्री, श्री जयचमराजेंद्र पॉलिटेक्निक संस्थान, बैंगलोर एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर, सेंचुरी क्लब, मैसूर चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एवं यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग की स्थापना करवाई।

इसके साथ ही और भी अन्य शैक्षिणक संस्थान एवं फैक्ट्री की भी स्थापना की गई। विश्वेश्वरैया ने तिरुमला और तिरुपति के बीच सड़क निर्माण के लिए योजना को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

एम् विश्वेश्वरैया जी अवार्ड
#स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 1955 में विश्वेश्वरैया जी को भारत के सबसे बड़े सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
#लन्दन इंस्टीट्यूशन सिविल इंजीनियर्स की तरफ से भी विश्वेश्वरैया जी को सम्मान दिया गया था।
#इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस की तरह से भी विश्वेश्वरैया जी को सम्मानित किया गया।
#विश्वेश्वरैया जी कर्नाटका के सबसे प्रसिद्ध लोगों में से एक है।
#इसके अलावा देश के आठ अलग अलग इंस्टिट्यूट के द्वारा उन्हें डोक्टरेट की उपाधि दी गई।
#विश्वेश्वरैया जी के 100 साल के होने पर भारत सरकार ने उनके सम्मान में स्टाम्प निकाला।
#इनके जन्म दिवस पर समस्त भारत में इंजिनियर डे मनाया जाता है।

अगर आपके पास अच्छे विचार है तो जरुर कमेंट के माध्यम से भेजे अच्छा लगने पर हम उसे Best 2 Engineers Day Essay 2021 In Hindi लेख में शामिल करेंगे और साथ ही  इस पोस्ट को whatsapp, Facebook और Social Media पर Share करें|

Leave a Comment